शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

अब तो हमें जाना पड़ेगा (भाग-4)

अप्रैल वैसे तो पूरी दुनिया में मूर्ख दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इस दिन को हमारे जुनिअर्स ने हम लोगों की विदाई का दिन चुनाउन्होंने एहसास करा दिया कि हम कशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में स्थित पत्रकारिता एवं जन सम्प्रेषण विभाग में कुछ दिनों के मेहमान हैंतरीका भी लाजवाब निकाला, हमें खिला-पिलाकर और ढेर सारा प्यार देकर हमें ये शिकायत करने का मौका ही नहीं दिया कि क्यों हमे यहाँ से अलग करने कि साजिश कर रहे होकोई बात नहीं, अगले साल तुम लोग भी जान जाओगे कि जुदा होने का गम क्या होता हैपिछले दो सालों में यहाँ पर जो प्यार मिला उसकी आशा नहीं थीकुछ खट्टी यादें भी हैं लेकिन जब तक खट्टा चखा जाए मीठे को चखने का पूरा आनंद नहीं मिलतायहाँ कि सबसे अछि बात ये रही कि हमने अपनी जिन्दगी के दो साल ...पूरे दो साल हँसते खेलते गुजारे हैंकिसी कि जिंदगी में दो दिन ऐसा गुजरता है तो वो खुशनसीब हैये बातें मेरे दिल से निकल रही हैं और दिल हमेशा ही जोश में कुछ ज्यादा बोल जाता हैकुल मिलकर बस यही कहना है कि दोस्तों मेरी जिंदगी को दो हसीं साल देने के लिए मैं आपको शुक्रिया अदा करता हूँ

अब कुछ दिनों के बाद हम सब अपने-अपने रास्तों पर चल पड़ेंगेकई ऐसे लोग भी होंगे जिनसे अब शायद ही कभी मुलाकात का मौका मिलेकई लोग मिलते रहेंगेलेकिन एक जगह है जहां सब आबाद रहेंगे...एक दूसरे के दिलों मेंऊपर वाले ने ये कितनी अजीब चीज़ हमारे सीने में डाल दी है कि हर ख़ुशी और गम के मौके इसमें सेव हो जाते हैं और हम चाहे भी तो इन्हें डिलीट नहीं कर सकतेकल तक हम जिन्हें जानते नहीं थे आज वो हमारे दिलोदिमाग पर अपनी छाप छोड़ चुके हैंहो सकता है कि कुछ सालों के बाद ये यादें कुछ धुंधली पड़ जाएँ पर इनके अक्स का मिटना तो नामुमकिन हैतुम सब याद आओगे दोस्तों, बहुत याद आओगे

अब कुछ बातें फेअरवेल कीकल हमलोगों ने खूब एन्जॉय कियाइसके लिए मैं अपने जुनिअर्स का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने हमें इतनी इज्ज़त बख्शी, इतनी खुशियाँ दीं कि उन्हें समेटना मुश्किल हो रहा थाइन ढेर सारी खुशियों के लिए, प्यार के लिए, सम्मान के लिए और जिंदगी में एक बेहद ही खूबसूरत दीं जोड़ने के लिए मैं आप सबको धन्यवाद करता हूँकल हमारे क्लास कि लडकियां साडी पहनकर आई थीं और खुदा कसम बहुत ही खूबसूरत लग रही थीतो मैं अपने जुनिअर्स का इसलिए भी शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने ऐसा ड्रेस कोड बनायाजुनिअर्स ने तस्वीरों को गाने के साथ बहुत ही खूबसूरत ढंग से सजाया थाखाना भी बहुत लाजवाब थाअमित गौरव ने शम्मी कपूर और हेलन कि याद एक साथ दिला दी, आशीष ने एक अतुलनीय शख्स कि नक़ल उतारी और राघवेन्द्र ने दिल कि बातें कहीं ....ये सब देखकर अच्छा लगामुरली ने भी तस्वीरों को काफी काफी इमोशनल तरीके से सजाया थावहां बैठे सभी लोग रो रहे थे, फर्क सिर्फ इतना था कि कुछ की आँखें रो रही थीं और कुछ का दिल रो रहा थाअच्छा आज के लिया बस इतना ही... बाकी फिर कभी....

अज़ीम लोग हैं इज़हार गम नहीं करते,
दिल तो रोता है आँखें नाम नहीं करते...

3 टिप्‍पणियां:

  1. sach kahon us pure hall me aisa ek bhi insan nahi hoga jo dukhi na ho. sach kaha tumne kisi ka dil ro raha tha to kisi ki ankhain, par kam se kam isse ye to pata chalta hai na ki saree log yahan ki mithi yadon ko kabhi bhul nahi payenge. yahan ane se pehle bhi mere bahut dost the par mere life me main kabhi doston ki ahmiyat nahi jan payi.....yahan akar jana ki dost ki dosti se badkar uska pyar hota hai aisa pyar jiski kahin tulna nahi ki ja sakti. meri life ki a major kami ko pura hui is jagah akar..mujhe apni life me pehli bas itna pyar aur samman mila har kisi se....

    koi sikwa koi shikayat nahi hai aae dil
    jitna chaha usse jyada mila yahan
    bas jindagi yun hi dosti ke gulon se gulzar rahe
    hamara dil yaad kare sabko chahe hum ho jahan!

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  2. vineet i want u to continue this one...

    everyone is liking ur post.. that is another thing that they dnt have time 2 comment... but please u continue this post...

    or haan kasturi same here...

    i am also coming wid some new thoughts 2 write abt u people...
    great job vineet...

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  3. dis post seems lyk u gave al our feelngs d mst approprt wrds evr posbl....truly truly amazng...while readng it, i ws almst relivng those frwl momnts u kno :) cn v evr 4gt dis day in our lives?????i guess, d answr z an obvious 'NO'.
    d icng on d cake ws dat d party ended wid al f us dancng away 2 our heart's content!!!!v danced n danced n danced,till our bodies gave way n gopal ji creatd a nuisance(kidding...lolz).
    d lst 2 yrs wr lyk a roller-coaster ride f sweet n sour xprncs...d bst part f it al ws dat v held on 2 ech odr amidst al d ups n dwns f d ride..
    wl cherish al d b'ful momnts spnt in dis dptt.wl mis d frnds dat i made hr...sincrly hope n pray dat v remain in tch 4evr...

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